श्रम का महत्व:भूल गया इनसान
श्रम का महत्व:Images महत्व श्रम का सुनेंं,उसे कर्म मानिए! कर्म का मर्म को हमें समझना होगा। श्रम साध्य उत्तम मार्ग प्राप्ति! श्रम मार्ग जीवन सदा उदारता! कर्म ही भाग्य सुधारक श्रमसाध्य कर भाग्य उत्थान! कर्म से ही जग में अभ्युत्थान श्रम के महत्व को समझकर ही सफलता के मार्ग के प्रथम सोपान पर आरुढ़ हुआ जा सकता है। व्यक्ति,समष्टि या प्रकृति कोई भी श्रम से अनभिज्ञ नहीं। सभी ने श्रम को समझा और इसके महत्व को जाना पहचाना। जिसने भी इसके महत्व को अस्वीकारा, वह अँधकार के अनंत गह्वर में जा पहुँचा और इस संसार से विलुप्त हुआ मानो। समय चाक को नियंत्रित गति से घूर्णन हेतु श्रमरूपी हाथ की आवश्यकता पड़ती है। श्रम साध्य जीवन कर्म ही भाग्य बनाए
Comments
Post a Comment